Maine sapno ko dur hote Dekha Hai....Jo mila nahi ushe Khote Dekha Hai....Log kehte hai Fhul Humesha Hanste Hai...Lekin maine fhulo ko akle me Rota Dekha haiसुबह मै नहीं...घर मेरे से...एक लाश निकलती है,,,,,,जो चलती है किसी को दूढने.........सफ़र हो जाता है ख़तम,, चाहत हो जिसकी वो चीज़ नहीं मिलाती है...........हाल है मेरा ना जाने केसा नहीं जनता...........बस एक कम्बख़त दिल को चैन नहीं कही मिलता है.................फन्ना हो जाने का मन करता है मेरा मौत तेरे दामन में..........मगर जिन्दगी कहती है दो पल और रुक तेरा कुछ हिसाब और रहता है...................
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